सोमवार, 5 जनवरी 2009

जम्मू-कश्मीर में युवा मुख्यमंत्री का आगाज़

साल के अंत में जम्मू कश्मीर में लोकतंत्र की जो चुनावी बयार बही, उसने हर बात पर कश्मीर का रोना रोने वाले पाकिस्तान की बोलती बंद करदी। 1965 में राज्य बनने के बाद जम्मू कश्मीर में अब तक 10 मुख्यमंत्री बने हैं और 5 बार राष्ट्रपति शासन लगा है। अब्दुल्ला परिवार से शेख अब्दुल्ला दो बार, फारूख अब्दुल्ला तीन बार और अब नेशनल कान्फ्रेंस के 38 वर्षीय युवा उमर अब्दुल्ला राज्य के 11वें मुख्यमंत्री होंगे। युवा होने के कारण उनसे सिर्फ कश्मीरी आवाम ही नहीं बल्कि पूरे मुल्क को आशायें हैं। राजनीति में जहां वृद्ध नेतृत्व का रोना रोया जाता है, वहां उमर अब्दुल्ला ने कम उम्र में ही राजनीति में बड़े मुकाम हासिल किये हैं। यहां बताना गौरतलब होगा कि सबसे कम उम्र में मुख्यमंत्री बनने का रिकार्ड प्रफुल्ल कुमार महन्त के नाम है, जिन्होंने 1985 में मात्र 31 साल की उम्र में असम के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी। आशा की जानी चाहिए कि एक युवा की अगुवाई में जम्मू-कश्मीर नई अंगडाई लेगा और एक बार फिर से इस धरा के स्वर्ग का खिताब पायेगा !!

10 टिप्‍पणियां:

  1. आशा की जानी चाहिए कि एक युवा की अगुवाई में जम्मू-कश्मीर नई अंगडाई लेगा और एक बार फिर से इस धरा के स्वर्ग का खिताब पायेगा...yah positive attitude hi kashmir ko naya jeewan dega.

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  2. युवा होने के कारण umar abdulla से सिर्फ कश्मीरी आवाम ही नहीं बल्कि पूरे मुल्क को आशायें हैं। देखते हैं कश्मीर के पुराने दिन लौटते हैं या नहीं.

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  3. बेनामी05 जनवरी, 2009

    वर्तमान दौर में एक बेहद प्रासंगिक सोच..umar abdulla को बधाई.

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  4. Ek yuva se sabhi ko asha hoti hai,kyonki yuvaon men hi parivartan ka sahas hota hai.

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  5. उमर अब्दुल्ला जी से आशा की जानी चाहिए की वह अलगाववादी तत्वों को जम्मू-कश्मीर से उखाड़ फेंकें.

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  6. सही कहा आपने कश्मीर का जनादेश पाकिस्तान को तमाचा है, बेहतर होगा पाकिस्तानी हुक्मरान जमीनी हकीकत को समझें.युवा उमर अब्दुल्ला को बधाई.

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  7. आज की तारीख में भारत का सबसे नोजवान मुख्यमंत्री बनने पर अब्दुल्ला साहेब को कोटिश: शुभकामनायें.

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