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रविवार, 6 सितंबर 2009

ऐतिहासिक रहे दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव इस बार ऐतिहासिक रहे. 18 वर्षो के बाद अध्यक्ष पद पर जहाँ निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है, वहीँ चार में से तीन पदों पर पहली बार महिलाओं ने ही विजय दर्ज की है.इसी प्रकार समाजवादी छात्र सभा ने पहली बार दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनावों में कोई विजय दर्ज की है.अध्यक्ष पद पर बौद्ध अध्ययन विभाग के छात्र मनोज चौधरी चुने गए हैं। उन्होंने ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के बजिंदर सिंह को 11 मतों से हराया। इससे पहले 1991 में निर्दलीय उम्मीदवार राजीव गोस्वामी डूसू से अध्यक्ष बने थे। उन्होंने 1990 में पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने के विरोध में आत्मदाह की कोशिश की थी। गौरतलब है की शीर्ष पद के लिए एबीवीपी और एनएसयूआई के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहरा दिया गया था।

उपाध्यक्ष पर एबीवीपी की कृति वढ़ेरा और सचिव पद पर एनएसयूआई की अर्शदीप कौर ने जीत दर्ज की। कृति वढ़ेरा मिरांडा हाउस की और अर्शदीप कौर विधि संकाय की छात्रा हैं। हंसराज कॉलेज की छात्रा और समाजवादी छात्र सभा की उम्मीदवार अनुप्रिया त्यागी संयुक्त सचिव चुनी गई हैं। समाजवादी छात्र सभा ने पहली बार दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनावों में कोई विजय दर्ज की है.दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनावों में चार में से तीन पदों पर पहली बार महिलाओं ने ही विजय दर्ज की है. ऐसा 60 साल में पहली बार हुआ है.
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