आ चल के तुझे मैं ले के चलूं
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जैसे कोई सितारा बादल के गांव में
सुशोभित सक्तावत
किशोर कुमार की आवाज हिंदी सिने संगीत की पहली आधुनिक और बेतकल्लुफ आवाज थी। उसमें एक खास सांकेतिकता थी। खिल...
एक अनिश्चित बात कि मैं जिंदा हूं .....
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एक अनिश्चित बात कि मैं जिंदा हूं .....
अबकी बारी मेंने कलम पकड़ी तो
ख्याल आया कि कुछ ऐसा लिखा
जाए जो अनिश्चित हो
तो एक बात याद आई
जो बात सबसे अनिश्चित है
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सेक्सी ममता
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महिला आयोग की श्रीमती ममता का कहना है की 'सेक्सी' माने सुन्दर। यदि सेक्सी
माने सुन्दर तो फिर 'सुन्दर' ही कहो न , ज्यादा सभ्य लगता है। फिर भी ममता जी
को इतन...
सफ़र के दूसरे पड़ाव का विमोचन
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[image: cover-II-Final2]
स फ़र के सभी साथियों को बहुत बहुत बधाइयाँ । आप सबकी सहभागिता और शुभकामनाओँ
शब्दों का सफ़र के दूसरे पड़ाव यानी दूसरा खण्ड छप कर तै...
... पुन: तुम्हें लिखता हूँ
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लिखता हूँ , लिख नहीं पाता
गुनता हूँ , कह नहीं पाता
पर चाहता तो हूँ - बहुत कुछ तुम तक पहुँचाना
मन के कैनवस पर उभरती हैं यादें
रंग भरूँ - उससे पहले
कभी ...
बंदूक के साथ कलम थामे हाथ : "स्क्रिप्टिंग द चेंज"
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जब वामपंथी धारा बैचारिक तौर पर कमजोर लग रही हो,जब राइट की समूची सोच सत्ता
को ही वैचारिक आधार मान रही है। जब अतिवाम का संघर्ष भी हिंसा की कहानी से आगे
ना बढ...
DEPOLITICISE CONSTITUTIONAL APPOINTMENTS
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In the unenviable record of the UPA Government, more and more events are
taking place which are totally unprecedented in these 65 years of
independence. It...
जागा हूँ फक्त चैन से सोने के लिए
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आज शनिवार की रात है तारीख: फरवरी २५, सन २०१२.
अच्छी नींद लेना मूल अधिकारों में से एक- सुप्रीम कोर्ट
यही खबर थी जो आजतक के आज के ट्रिकर पर चल रही थी. त...
बुखार का समाधान ज्वरहरेश्वर के पास है
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रोगग्रस्त हो जाने की स्थिति में आम आदमी किसी ऐसे डाक्टर के पास जाता है जिस
पर उसकी आस्था हो और जो सर्वगुण संपन्न हो अर्थात एक जनरल प्रेक्टिशनर . यदि
बीमार...
ये कहानी है दीये की और तूफान की! #TheOtherSong
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बिहार में महादलितों के लिए रेडियो योजना
[23 Feb 2012 | Read Comments | ]
*संजय कुमार* ♦ बिहार की महादलित बस्तियों में घर-घर रेडियो पहुंचाने का जो
कार्यक्र...
अंडमान को बाय-बाय..
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पता ही नहीं चला कि अंडमान में कैसे दिन गुजर गए. .पूरे दो साल.. अब पापा का
इलाहाबाद के लिए ट्रांसफर हो गया है. हम सब बहुत खुश हैं. खूब मस्ती से पैकिंग
कर र...
एक गीत : किस युग की बातें करते हो ?
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दीन धरम औ’ सच की बातें ? किस युग की बातें करते हो?
’सतयुग’ बीते सदियाँ गुजरी तुम जिसकी बातें करते हो .
मैंने तो निश्छल समझा था भेंज दिया संसद में चुन के...
नसीहत और तरबियत
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- सलीम अख्तर सिद्दीकी
एक हाईप्रोफाइल मुसलिम परिवार की शादी शहर के सबसे महंगे रिसॉर्ट में हो रही
थी। मैं एक पुराने परिचित के साथ बातचीत में मशगूल था।हमार...
Postal Services in Andaman & Nicobar Islands
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India Post provides postal services to the public through a large nation
wide network of 1.55 lac Post offices. India Post was established on 1...
राष्ट्र को एकसूत्र में पिरोती है हिन्दी
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नांदेड, महाराष्ट्र। दिल्ली सरकार की हिन्दी अकादमी एवं अहिन्दी भाषी हिन्दी
लेखक संघ के संयुक्त तत्त्वावधान में महान साहित्यकार, चिंतक, समाज सुधारक
गुरु गोवि...
रेलवे, सीनियर सिटीजन के लिए लोअर-बर्थ आवश्यक करे
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भारतीय रेल, दुनिया की सबसे विशाल परियोजना है। लाखों यात्री प्रतिदिन एक शहर
से दूसरे शहर और छोटे-छोटे गाँवों तक रेल के द्वारा ही यात्रा करते हैं।
वर्तमान म...
कुछ प्रतीक्षा और...
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अक्सर दो कार्यशालाओं के बीच लंबा अंतराल आ जाता है। कार्यशालाओं में लिख लेना
और प्रकाशित हो जाना महत्त्वपूर्ण है लेकिन उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है कि
जो कु...
ब्लॉग को वेबसाइट में कैसे बदलें? - ब्लॉग बुलेटिन
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आजकल ईमेल तथा ब्लॉग हैकिंग की खबरे आम हैं, इसलिए अक्सर अपने ब्लॉग का बैकअप
लेते रहिये. इसके लिए ब्लॉग सेटिंग ((Settings) में जाना पड़ेगा, डेश बोर्ड
से क...
अवनीश सिंह चौहान को थिंक क्लब वार्षिक पुरस्कार
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संयुक्त राज्य अमेरिका स्थित द थिंक क्लब (http://www.thethinkclub.com/) ने
पूर्वाभास
(http://www.poorvabhas.in/) के संपादक अवनीश सिंह चौहान को हिंदी भाषा
और ...
यादें - नीलम पुरी
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*'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती **नीलम पुरी
**की कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा...*
ए जाने जाना ,
ए नादान हसीना ...
परिकल्पना ब्लॉग विश्लेषण-2011 (भाग:8 )
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वर्ष-2011 में जहां प्रेम की
रचनात्मकता दिखी
वहीँ रचनात्मकता में प्रेम....
*गतांक से आगे ...*
*परिकल्पना ब्लॉग सर्वे* के माध्यम से किए गए एक आंकलन के अनुसा...
प्रेम, वसंत और वेलेण्टाइन
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प्यार क्या है ? यह एक बड़ा अजीब सा प्रश्न है। पिछले दिनों इमरोज जी का एक
इण्टरव्यू पढ़ रही थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब वे अमृता प्रीतम के लिए
कुछ करते थ...
प्रेम
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प्रेम एक भावना है
समर्पण है, त्याग है
प्रेम एक संयोग है
तो वियोग भी है
किसने जाना प्रेम का मर्म
दूषित कर दिया लोगों ने
प्रेम की पवित्र भावना को
कभी उसे वासन...
गणतंत्र दिवस ... प्रस्ताव-- पुष्पा भार्गव
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*आज भारतीय गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आपके लिए लन्दन से आदरणीया
पुष्पा भार्गव जी की मौके और माहौल वाली एक प्रेरक रचना लेकर आया हूँ..
पढ़िएगा और ...
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चुनावी दंगल में डान
उत्तर प्रदेश का चन्दौली जनपद धान का कटोरा माना जाता था मगर राजनैतिक व
प्रशासनिक उपेक्षा के चलते किसानों के कटोरे से धान सूख गया है। अब ...
बहादुर बच्चों के जज्बे को सलाम..!!
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कहते हैं हौसले हों तो आकाश भी छू लेता है मनुष्य. फिर बच्चे तो इस देश के
भविष्य हैं. उनका जज्बा हमें प्रेरणा देता है. ऐसे ही 24 बच्चों को इस साल
राष्ट्रीय व...
पिया तो से नयन लागे रे.....
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नमस्कार ब्लाग परिवार के सभी सद्स्यो को, आज हमे बहुत खुशी हो रही हे, इस
ब्लाग परिवार की संख्या दिन रात बढ रही हे, हम ने तो सोचा भी नही था, आप सब का
धन्यवाद,...
कैसी होती है माँ ...??
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*माँ पर लिखी यह रचना इतनी मार्मिक है कि मैंने आज बरसों बाद अपनी जननी को,
जिसका चेहरा भी मुझे याद नहीं, खूब याद किया ...और बिलकुल अकेले में याद किया,
जहाँ ...
WHAT OTHER SAYS
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*WHAT OTHER SAYS:-*
*Shri Rajendra Yadav:* Whilereading the auto biography of Ramnika Gupta
only two words came in my mind -Refractory and temerarious! If ...
प्यार व भाईचारे का संदेश देता क्रिसमस पर्व
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क्रिसमस शब्द का जन्म क्राईस्टेस माइसे अथवा ‘क्राइस्टस् मास’ शब्द से
हुआ है। ऐसा अनुमान है कि पहला क्रिसमस रोम में 336 ई. में मनाया गया था। यह
प्रभु क...
आंदोलन के प्रति इंदिरा से अधिक लचीला है मनमोहन सरकार
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सन् 1974-75 में इंदिरा गांधी की सरकार को जय प्रकाश आंदोलन से मुकाबला करना
पड़ा था। आज अन्ना हजारे के नेतृत्व में जारी आंदोलन का मुकाबला मनमोहन सरकार
कर रही ...
बोधिसत्व की दो कविताएँ
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क्या इसीलिए जन्मा राम के अवध में कुछ आवाजें आ रही है इन आवाजों में घुले हैं
कई स्वर कभी लगता है कि ये बहुत दूर से आ रही आवाजें हैं कभी लगता है कि घर
में ही...
उम्मीद है ‘लंका’ का बजेगा डंका
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मेरे लिए सबसे सुखद समय तब होता है, जब मैं यह कहता हूं कि फिल्म के ऊपर हममें
से किसी का बस नहीं चलेगा। अब ये दर्शकों के पास जा रही है। क्योंकि जितना काम
करन...
मैं खुद कविता हूँ अंतहीन- नीलम प्रभा
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नीलम प्रभा , नाम से क्या परिचय दूँ ..... इस नाम से मेरा भी संबंध है . जी ,
नीलम प्रभा मेरी बड़ी बहन हैं , ... पर इस रिश्ते से अलग वह एक अलाव है -
जिसमें...
प्रजातंत्र की पीड़ा
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बिहार की जदयू विधायक जगमातो देवी के निधन से सीवान जिले के दरौंदा विधानसभा
क्षेत्र की सीट खाली हो गयी है। इस जगह के लिए चुनाव होना है। प्रजातंत्र की
पुका...
On today's Supreme Court Judgment
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राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के तात्कालीन अध्यक्ष श्री दिलीप सिंह भूरिया
ने अपने द्वारा दिए गए एक "फैसले" में मेरे पिता जी को गैर-आदिवासी करार दिया
था....
पिंजरें में कैद पंछी
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पिंजरें में कैद पंछी कितनी उड़ान लाते
अपने परों में कैसे वो आसमान लाते।
कागज पे लिखने भर से खुशहालियाँ जो आतीं
अपनी गजल में हम भी हँसता सिवान लाते।
हथियार ...
आवो "बालम ककडी" खाएं!
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अब आप कहेंगे कि ये ताऊ महाराज धॄतराष्ट्र को क्या होगया है? महाराज अंधे,
बहरे और गंवार तो थे ही अब पूरी तरह से सठिया भी गये हैं क्या? अरे बालम को
खिलाना ही ...
कभी देखा है ऐसा साँप?
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बलरामपुर, उत्तर प्रदेश में मिला ग्रीन कीलबैक साँप
बलरामपुर, उत्तर प्रदेश के पूर्वी सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के जरवा क्षेत्र में एक दुर्लभ प्रजाति का साँप ...
महत्ता गुण से, धन से नहीं
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मात्र धन से कोई महान् नहीं कहलाता। जो विनयादि निर्मल गुणों से सम्पन्न हो,
वही महान् कहा जाता है। अर्थ-कष्ट से पीड़ित होते हुए भी अनेक गुणों के आगार
होने स...
मेरा सवाल 168
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नमस्कार . बहुत दिनों के बाद फ़ुर्सत मिली है आज .दरअसल पिछले कुछ महीनों से
व्यस्त था. स्कूल सर्विस कमीशन की परीक्षा थी . इंटरव्यु था. सेलेक्शन हुआ और ...
लेखक भाषा का आदिवासी है
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*(१५ फरवरी 2011 को यह वक्तव्य मैंने लिखा था. तकनीकी असुविधाओं के बावजूद
इसे आज अपने गाँव में लगा रहा हूँ. साहित्य अकादमी पुरस्कार का यह औपचारिक
'स्वीक...
छत्तीसगढ़ी गज़ल : पीरा संग मया होगे
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अइसन मिलिस मया सँग पीरा,
पीरा सँग मया होगे.
पथरा ला पूजत-पूजत मा,
हिरदे मोर पथरा होगे.
महूँ सजाये रहेंव नजर मा
सीस महल के सपना ला ,
अइसन टूटिस सीस महल के
...
Mohalla Live
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Mohalla Live
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- रवीश की रिपोर्ट बंद, एनडीटीवी में हिंदी से शूद्रों सा बर्ताव
- हुसैन को एक खांचे में फिट करके द...
गुजरा हुआ ज़माना आता नहीं दोबारा
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कलकत्ता मेरा पुराना शहर है, आज भी मेरा वहाँ घर है और मै अपना आयकर भी वहीं
चुकाता हूँ. कल कुछ अपरिहार्य कारणों से मेरा कलकत्ता जाना हुआ. कार्यक्रम के
पूर्व ...
आपने महुआ घटवारिन की कथा तो सुनी ही होगी !
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11 अप्रैल को हिन्दी के प्रख्यात कथाशिल्पी *फणीश्वर नाथ रेणु** *की
पुण्यतिथि थी। उस दिन चाहता था कि उनकी स्मृति से जुड़ी कुछ बातें खेती-बाड़ीमें भी स...
पण्डित रामलोचन ब्रह्मचारी और हनुमत निकेतन
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हिन्दू मन्दिरों में बहुत पिचिर पिचिर होती है। ढ़ेर सारे फूल-मालायें सड़ती
हैं। उसपर जल, अक्षत, रोली, सिन्दूर, काजल, कड़ुआ तेल और जानबूझ कर बनाये गये
संकरे रास...
महिला दिवस तो साल म्ह एक बार ही आवै सै : ताऊ
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मैं ताऊ टीवी का मुख्य रिपोर्टर रामप्यारे, महिला दिवस पर आपका हार्दिक
अभिनंदन करता हुं. आज मैं इस दिवस की महता देखने के लिये सुबह से ही ताऊ और
ताई की दिन च...
हम नहीं सुधरेंगे
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*आज के तथाकथित बुद्धिजीवियों की*
*आत्मा जैसे मर गई है... *
*रह गई है सिर्फ राख बाकी।*
**
**
*इन मरी हुई आत्माओं वाली... *
*आधुनिकता के नाम पर*
*चलती...
कुण्डलियाँ : अरविन्द कुमार झा
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१-
मना लो तुम भी होली
*होली में बढ़ती सदा इन चीजों की मांग*
*कपडे खोया साथ में दारू, गांजा, भांग*
*दारू, गांजा,भांग,छान मस्ती में सब ज...
हिंदी ई-पुस्तकों के कुछ उपयोगी लिंक्स
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*ई-बुक्स *
हिन्दीकुंज ई पुस्तकें - http://www.hindiebook.co.cc/
रचनाकार ब्लॉग -
http://rachanakar.blogspot.com/2007/02/hindi-sahitya-e-book.html
हिंदी सम...
"मंगलमय नववर्ष - HAPPY NEW YEAR-2011" (बाल चर्चा मंच-33)
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चर्चाकार:डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"
Happy New Year 2011
[image: Happy New Year]
*आप सभी को नववर्ष २०११ के आगमन **की **हार्दिक शुभकामनाएँ.....!!!!*
*---...
" 19 दिसम्बर की वह सुबह "------------मिथिलेश दुबे
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रोज की तरह उस दिन भी सुबह होती है, लेकिन वह ऐसी सुबह थी जो सदियों तक लोगों
के जेहन में रहेगी । दिसंबर का वह दिंन तारीख 19 , फांसी दी जानी थी पंडित
रामप्रसा...
आहट : जया केतकी
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क्यों उसकी सिसकियों की आहट
कान के दरवाजे से ही लौट जाती है।
कहना चाहती है वो जो कह न सकी
सुनाए भी तो सुनी नहीं जाती है।
बन गई है वह एक भूली सी दास्तां
जो...
दुर्लभ मौका आपने गवाँ दिया न्यायाधीष महोदय!
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अभी तक हम भ्रष्टाचार के मुद्दों पर बात कर रहे थे , अचानक सुमन जी ने अयोध्या
मसले पर विनीत तिवारी के विचारों को ला पटका है , तो आईये पहले विनीत तिवारी
के वि...
मंगल पांडे का नाम, लेकिन चैनसिंह का नही
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महेन्द्र ठाकुर, सीहोर। देश की आजादी की लड़ाई में शहर का भी अपना योगदान रहा
हैं मगर उस योगदान को तवज्जों नहीं मिल पा रही है। देश को आजाद हुए एक दशक से
अधिक ...
कविता : होशियार डंडी
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होशियार डंडी एक थी होशियार डंडी, उसका नाम था सिखंडी..... पेड़ के ऊपर से
गिरी, पानी में चलते थी मारी- मारी..... जगह- जगह शैर करने निकल पड़ीं, पानी
में सब को ...
सुदर्शन का (कु) दर्शन
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जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से
आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली
बार हु...
Akhilesh ji ko patr
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27. 9. 10
प्रिय अखिलेश जी,
आपका पत्र संख्या 2, दिनांक 21. 9 10 का पत्र मिला। धन्यवाद। आपने पुस्तकें
वापिस करने वाले प्रश्न पर जवाब सोच समझकर ही दिया होगा तभ...
भविष्यवाणी करने वाली आश्चर्यजनक घोड़ी 'लेडी वण्डर'
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आपने भविष्य की बातों को सच-सच बताने का दावा करने वाले इंसान तो बहुत से देखे
होंगे, पर क्या आप किसी ऐसे जानवर को जानते हैं, जोकि भविष्यवक्ता के साथ-साथ
गणित...
मीडिया का अछूत गांधी
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इस गांधी की चर्चा मीडिया में अकसर ना के बराबर होती है और अगर होती भी है तो,
सिर्फ और सिर्फ गलत वजहों से। मीडिया और इस गांधी की रिश्ता कुछ अजीब सा है। न
तो ...
साधनाजी,उपासनाजी, उर्फ…
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बाबाओँ का हल्ला है। बल्कि दिल्ली के बाबा भीमानंद का विकट कालगर्ली रैकेट
देखकर यह नहीं समझ आ रहा है कि अब बाबाजी का कौन सा मुहल्ला है। सारे मुहल्ले
ही उनके ...
सार्थक सृजन ( मार्च 2010 )
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सम्पादकीय
‘सार्थक सृजन’ को अच्छे पाठक और सशक्त रचनाकार मिले, यह गौरव की बात है।
पिछ्ले अंकों को पढ़कर सार्थक टिप्पणियों के लिए सुधी पाठकों का आभारी ...
पॉंच अंकों में पहुँची चिट्ठों की तादाद
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ये छोटी सी पोस्ट इस बात की बधाई बजाने के लिए हुई है कि चिट्ठाजगत पर दर्ज
हिन्दी चिट्ठों की तादाद ने अब पॉंच अंको को छू लिया है। ये स्क्रीनशॉट
देखें-
...
सुधा भार्गव का जीवन परिचय
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*** नाम - सुधा भार्गव
जन्म तिथि - 8 मार्च 1942
जन्म स्थान - अनूपशहर जिला-बुलन्दशहर (उ0प्र0)
माता - स्व0 श्रीमती तारा देवी भार्गव
पिता - स्व0 डा0 जगदीश्वर सहा...
एक सरकारी अफसर होता
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काश ! अगर मैं भी
एक सरकारी अफसर होता ||
फोन मोबाईल गाड़ी
सुंदर सा घर अपना होता॥
अपराधी जन आते रहते
दरवाजे पर मेरे॥
नोटों की बौछार लगाती
संध्या और ...
I thank you for the response to my blog
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I would like to thank all those who have posted their comments on my blog.
I thank all of you for the response. It has come to my notice that most of
the c...
बेटियाँ
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**
**
**
*बेटियाँ-*
*शीतल हवाएँ हैं *
*जो पिता के घर बहुत दिन तक नहीं रहतीं*
*ये तरल जल की परातें हैं*
*लाज़ की उज़ली कनातें हैं*
*है पिता का घर हृदय-जैसा*
*य...
3 टिप्पणियाँ:
आपको भी सपरिवार दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें
आपको भी शुभकामनायें।
दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें
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